
सांगला (किन्नौर)। जिले के रकछम गांव के देवता शमशरी और मां भगवती के मंदिर से चोरी कुछ मूर्तियां और अन्य सामान बरामद कर लिया गया है। शक के आधार पर हिरासत में लिए गए नेपाली मूल के लोगों द्वारा राज उगलने पर पुलिस मूर्तियों तक पहुंच पाई। मूर्तियां और सामान सांगला के बनालंग में सड़क से करीब 100 मीटर की ऊंचाई पर ढांक में छिपाया गया था। डीएसपी किन्नौर केके वर्धन ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि शक के आधार पर हिरासत में लिए गए दो नेपालियों में से एक चोरी की वारदात में शामिल है। आरोपी राम बहादुर ने अपना अपराध कबूल कर लिया है जिसकी निशानदेही पर ही पुलिस ने यह बरामदगी है। राम बहादुर के साथ चोरी की वारदात में काली बहादुर, गोगन, धन बहादुर भी शामिल थे। उक्त तीनों सांगला छोड़कर नेपाल चले गए हैं। उन्होंने बताया कि देवता के दस में से आठ और देवी के दोनों मूर्तियां बरामद कर ली गई है। देवी की मूर्तियों से सोना निकाल लिया गया है जो राम बहादुर के साथ वारदात में शामिल तीनों नेपाली अपने साथ ले गए हैं। इसके अलावा वे देवता शमशीर की अष्टधातु और एक चांदी की मूर्ति भी ले गए हैं। उन्होंने बताया कि इन तीनों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया जा रहा है। देर-सवेर पुलिस इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ही लेगी।
रकछम के देवता शमशीर और मां भगवती के मंदिर में 11 जून को चोरी हुई थी। चोर देवता की दस और देवी की दो मूर्तियों समेत करीब एक करोड़ रुपये के सामान पर हाथ साफ कर गए थे। पुलिस ने कुछ मूर्तियां और सामान बरामद करने में तो सफलता हासिल कर ली लेकिन करीब आधा किलो सोना और दो मूर्तियां बरामद करना अभी बाकी है। रकछम पंचायत के प्रधान टिकम नेगी, पूर्व उपप्रधान सतेंद्र नेगी, राजेश नेगी ने पुलिस ने चोरी के मामले में संलिप्त अन्य तीन आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने कर सामान बरामद करने की मांग की है।
डीएसपी के साथ ही सांगला थाना के प्रभारी राजीव मेहता, इंद्रभक्त नेगी, दलीप सिंह, खुशविंद्र सिंह नेगी, विक्रम सिंह नेगी आदि पुलिस कर्मियों ने मूर्तियां बरामदगी में सहयोग दिया।
